जब मन भटके, श्रीकृष्ण की ये एक बात याद रखना | भगवद्गीता अध्याय 6 श्लोक 35 | Mind Control
👁
16views
•
📅
05 Oct 2026
जब मन भटके, श्रीकृष्ण की ये एक बात याद रखना | भगवद्गीता अध्याय 6 श्लोक 35 | Mind Control
जब मन बार-बार भटकता है, ध्यान नहीं लगता और विचारों पर नियंत्रण मुश्किल महसूस होता है—तब भगवद्गीता के अध्याय 6, श्लोक 35 में श्रीकृष्ण की कही बात बहुत गहरी सीख देती है।
श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि मन वास्तव में चंचल और कठिनता से नियंत्रित होने वाला है, लेकिन अभ्यास और वैराग्य के माध्यम से इसे साधा जा सकता है।
इस श्लोक की सीख आज के जीवन में भी उतनी ही प्रासंगिक है—चाहे मन चिंता में भटक रहा हो, पढ़ाई में ध्यान न लग रहा हो या बार-बार नकारात्मक विचार आ रहे हों।
🪔 इस वीडियो में जानिए:
• भगवद्गीता अध्याय 6 श्लोक 35 का अर्थ
• मन को नियंत्रित करना इतना कठिन क्यों है?
• श्रीकृष्ण ने मन को साधने के लिए क्या उपाय बताया?
• अभ्यास और वैराग्य का वास्तविक अर्थ
• भटकते मन को शांत करने की गीता की सीख
भगवद्गीता अध्याय 6 श्लोक 35, गीता अध्याय 6 श्लोक 35, Bhagavad Gita Chapter 6 Verse 35, Bhagavad Gita 6.35, Gita 6.35 meaning, गीता श्लोक 35, मन को नियंत्रित कैसे करें, मन को शांत कैसे करें, भटकते मन को कैसे रोकें, मन क्यों भटकता है, श्रीकृष्ण की सीख, कृष्ण ने मन के बारे में क्या कहा, अभ्यास और वैराग्य, अभ्यास वैराग्य गीता, मन नियंत्रण गीता, mind control Bhagavad Gita, Bhagavad Gita mind control, Krishna on controlling mind, Krishna wisdom, श्रीकृष्ण ज्ञान, गीता ज्ञान, गीता का ज्ञान, भगवद्गीता का रहस्य, गीता के अनमोल विचार, गीता उपदेश, Krishna teachings, Bhagavad Gita Hindi, Gita Shlok Hindi, Bhagavad Gita 6.35 Hindi, मन की चंचलता, चंचल मन को कैसे शांत करें, मन को वश में कैसे करें, ध्यान और मन, meditation Bhagavad Gita, मन की शांति, मानसिक शांति के उपाय, negative thoughts control, overthinking कैसे रोकें, चिंता और भटकता मन, concentration कैसे बढ़ाएं, ध्यान कैसे लगाएं, Sanatan Dharma wisdom, Sanatan spiritual knowledge, Hindu philosophy, Krishna motivation, spiritual motivation Hindi, गीता मोटिवेशन, DigiTatva, श्रीकृष्ण और अर्जुन, मन पर नियंत्रण