अक्षय तृतीया 2026: शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, दान, सोना खरीदने का समय और धार्मिक महत्व
384 Visited Festival • Updated: Friday, 03 April 2026

अक्षय तृतीया 2026: शुभ मुहूर्त, धार्मिक महत्व और परंपराएं
वर्ष 2026 में अक्षय तृतीया 19 अप्रैल, रविवार को मनाई जाएगी। यह तिथि हिंदू पंचांग में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसे 'अबूझ मुहूर्त' कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि इस दिन किए गए किसी भी शुभ कार्य का फल सुनिश्चित होता है और पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती।
अक्षय तृतीया 2026 के शुभ मुहूर्त
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विवरण |
समय |
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तृतीया तिथि प्रारंभ |
19 अप्रैल 2026, सुबह 10:49 बजे |
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तृतीया तिथि समाप्त |
20 अप्रैल 2026, सुबह 07:27 बजे |
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पूजा का शुभ समय |
19 अप्रैल, सुबह 10:49 से दोपहर 12:20 तक (अवधि: 1 घंटा 32 मिनट) |
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सोना खरीदने का मुहूर्त |
19 अप्रैल, सुबह 10:49 से 20 अप्रैल, सुबह 05:51 तक |
धार्मिक महत्व और परंपराएं
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अक्षय फल
अक्षय तृतीया का सबसे बड़ा महत्व इस तथ्य में है कि इस दिन किया गया दान, जप, तप और पूजा कभी नष्ट नहीं होता। 'अक्षय' का अर्थ ही है 'जो कभी समाप्त न हो'। इसलिए इस दिन की गई धार्मिक और शुभ क्रियाएं जीवन में स्थायी लाभ देती हैं। -
प्रमुख घटनाएं
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माना जाता है कि इसी दिन सतयुग और त्रेतायुग का प्रारंभ हुआ।
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भगवान परशुराम का जन्म भी इसी तिथि को हुआ था।
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गंगा स्नान और दान
पवित्र नदियों में स्नान करने से आत्मिक शुद्धि होती है। अक्षय तृतीया पर जौ, सत्तू, पानी से भरा घड़ा और पंखे का दान विशेष फलदायी माना गया है। -
बद्रीनाथ के कपाट
उत्तराखंड स्थित भगवान बद्रीनाथ के मंदिर के द्वार भी पारंपरिक रूप से इसी दिन खुलते हैं। भक्तों के लिए यह दिन अत्यंत महत्व रखता है।
अक्षय तृतीया पर विशेष उपाय और पूजा
BhaktiPulse पर इस पावन तिथि के लिए निम्नलिखित मंत्र और विधियाँ उपलब्ध हैं:
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लक्ष्मी पूजन विधि
धन और समृद्धि के लिए माता लक्ष्मी की विशेष आराधना की जाती है। घर और व्यापार में सुख-समृद्धि के लिए यह पूजन अत्यंत लाभकारी माना जाता है। -
दान की महिमा
अक्षय तृतीया पर दान करने से जीवन में स्थायी लाभ होता है।-
सत्तू, अनाज, जौ, कपड़े और घड़ा दान करना सर्वोत्तम माना गया है।
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गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता करना पुण्य का काम है और इसे अक्षय फल देने वाला माना जाता है।
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पौराणिक कथाएं
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भगवान कृष्ण और सुदामा की कथा में बताया गया है कि सुदामा को अक्षय वैभव की प्राप्ति हुई।
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यह दिन मित्रता, दान और भक्ति का प्रतीक है।
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अक्षय तृतीया पर सोना और आभूषण खरीदने का महत्व
अक्षय तृतीया के दिन सोना और चांदी खरीदना शुभ माना जाता है।
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यह दिन आर्थिक निवेश और संपत्ति बढ़ाने के लिए सबसे अनुकूल माना गया है।
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19 अप्रैल, सुबह 10:49 बजे से 20 अप्रैल, सुबह 05:51 बजे तक सोना खरीदना विशेष फलदायी माना गया है।
अक्षय तृतीया न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जीवन में स्थायी समृद्धि, भाग्य और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक भी है। इस दिन किए गए दान, पूजा और शुभ कार्य कभी नष्ट नहीं होते और जीवन में अक्षय फल प्रदान करते हैं।
इस पावन अवसर पर गंगा स्नान, लक्ष्मी पूजन, दान और सोना खरीदना विशेष रूप से लाभकारी है। साथ ही, पौराणिक कथाओं और परंपराओं को समझकर उनका पालन करना हमें आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाता है।
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