सीता नवमी 2026 कब है? 🌸 तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और माता सीता की जन्म कथा | जानकी नवमी पूर्ण जानकारी
138 Visited Festival • Updated: Saturday, 04 April 2026

📝 सीता नवमी 2026: तिथि, मुहूर्त, महत्व और माता सीता की दिव्य जन्म कथा
🌸 सीता नवमी 2026 (सीता जयंती / जानकी नवमी) हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे माता सीता के अवतरण दिवस के रूप में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। माता सीता, भगवान श्रीराम की अर्धांगिनी और आदर्श नारीत्व, त्याग एवं शक्ति की प्रतीक मानी जाती हैं।
📅 सीता नवमी 2026 की तिथि और मुहूर्त
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📆 तिथि: शनिवार, 25 अप्रैल 2026
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⏰ मध्याह्न मुहूर्त:
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सुबह 11:01 बजे से दोपहर 01:38 बजे तक
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कुल अवधि: 2 घंटे 37 मिनट
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🕉️ अभिजीत समान शुभ समय: 12:19 PM
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🗓️ नवमी तिथि का समय
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👉 प्रारंभ: 24 अप्रैल 2026, शाम 07:21 बजे
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👉 समाप्त: 25 अप्रैल 2026, शाम 06:27 बजे
👑 सीता नवमी का धार्मिक महत्व
माता सीता को जानकी के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि वे राजा जनक की पुत्री थीं। इसी कारण इस दिन को जानकी नवमी कहा जाता है।
यह पर्व हमें नारी शक्ति, सहनशीलता, त्याग और मर्यादा का संदेश देता है। माता सीता का जीवन हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत है, विशेषकर परिवार और समाज में आदर्श मूल्यों को स्थापित करने के लिए।
📖 माता सीता की जन्म कथा (Sita Janam Katha)
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, राजा जनक एक यज्ञ के लिए भूमि तैयार कर रहे थे। जब वे स्वयं हल चला रहे थे, तब उन्हें धरती से एक स्वर्ण पात्र में एक दिव्य कन्या प्राप्त हुई।
इस चमत्कारी बालिका को उन्होंने अपनी पुत्री के रूप में स्वीकार किया, जो आगे चलकर माता सीता के नाम से प्रसिद्ध हुईं।
👉 “सीता” शब्द का अर्थ है — हल से बनी हुई रेखा या भूमि (फरो)
इसी कारण उनका नाम सीता रखा गया।
🙏 सीता नवमी पूजा विधि (Puja Vidhi)
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प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
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माता सीता और भगवान श्रीराम की प्रतिमा स्थापित करें
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फल, फूल, दीप, धूप से पूजा करें
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सीता माता की कथा का पाठ करें
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व्रत रखें और दिनभर सात्विक भोजन करें
🌿 सीता नवमी का आध्यात्मिक संदेश
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जीवन में धैर्य और संयम का महत्व
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विपरीत परिस्थितियों में भी धर्म का पालन
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नारी शक्ति और सम्मान का संदेश
🔎 सीता नवमी 2026 से जुड़े प्रमुख प्रश्न (FAQs)
Q1. सीता नवमी 2026 कब है?
👉 25 अप्रैल 2026, शनिवार
Q2. सीता नवमी क्यों मनाई जाती है?
👉 माता सीता के जन्मोत्सव के रूप में
Q3. जानकी नवमी क्या है?
👉 माता सीता का ही दूसरा नाम जानकी है, इसलिए इसे जानकी नवमी कहा जाता है
सीता नवमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि यह जीवन के उच्च आदर्शों और संस्कारों का प्रतीक है। माता सीता का जीवन हमें सिखाता है कि सत्य, धैर्य और समर्पण से हर कठिनाई को पार किया जा सकता है।
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