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शुक्रवार, 08 मई 2026

चित्रगुप्त पूजा 2025: डेट, मुहूर्त और पूजा विधि — जानिए कब और कैसे करें पूजा

चित्रगुप्त पूजा 2025: डेट, मुहूर्त और पूजा विधि — जानिए कब और कैसे करें पूजा

चित्रगुप्त पूजा 2025: डेट, मुहूर्त और पूजा विधि — जानिए कब और कैसे करें पूजा

30 Visited Lord Chitragupta • Updated: Thursday, 18 September 2025

चित्रगुप्त पूजा 2025: डेट, मुहूर्त और पूजा विधि — जानिए कब और कैसे करें पूजा


चित्रगुप्त पूजा 2025: डेट, मुहूर्त और पूजा विधि — जानिए कब और कैसे करें पूजा

📅 पूजा तिथि: 23 अक्टूबर 2025, गुरुवार
🕰️ शुभ मुहूर्त: दोपहर 1:13 PM से 3:28 PM (2 घंटे 15 मिनट)
🎉 अवसर: भाई दूज / यमद्वितीया — दीपावली के बाद का पांचवां और अंतिम दिन


🌅 परिचय: भगवान चित्रगुप्त — कर्मों के लेखक, न्याय के देवता

हिंदू धर्म में 33 कोटि देवी-देवताओं की पूजा होती है — और इनमें भगवान चित्रगुप्त एक अद्वितीय स्थान रखते हैं। वे यमराज के मुख्य लेखपाल, कर्मों के लेखक, और आकाशीय अभिलेखों के रक्षक हैं।

“जैसा करोगे, वैसा भरोगे” — यह नियम चित्रगुप्त जी के हाथों में है।

उनका जन्म ब्रह्मा जी के मन (चित्त) से हुआ था — इसलिए नाम है चित्र-गुप्त — “जो सब कुछ चित्त में गुप्त रखते हैं।”


📅 चित्रगुप्त पूजा 2025 — पूरी जानकारी

तिथि

23 अक्टूबर 2025, गुरुवार

पर्व

भाई दूज / यमद्वितीया

तिथि (हिंदू कैलेंडर)

कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष, द्वितीया तिथि

शुभ मुहूर्त

1:13 PM – 3:28 PM

विशेष महत्व

कायस्थ समुदाय के लिए प्रमुख पर्व

इस दिन चित्रगुप्त जी की पूजा करने से कर्मों का भार हल्का होता है, बुद्धि तेज होती है, और जीवन में न्याय व सत्य की भावना जागृत होती है।


🙏 चित्रगुप्त पूजा विधि — स्टेप बाय स्टेप

✅ स्टेप 1: स्नान एवं सफाई

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें
  • पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें
  • पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें।

✅ स्टेप 2: मूर्ति/चित्र स्थापना

  • चित्रगुप्त जी की मूर्ति या तस्वीर पूजा स्थल पर रखें।
  • उनके समक्ष घी का दीपक जलाएं।

✅ स्टेप 3: पंचामृत एवं कलश

  • पंचामृत बनाएं — दूध, दही, घी, शहद, चीनी।
  • एक कलश में जल भरकर उसमें तुलसी के पत्ते डालें।

✅ स्टेप 4: भोग अर्पण

  • चंदन, हल्दी, फूल, फल, मिठाई, भोग अर्पित करें।
  • कलम, डायरी, खाली कागज अवश्य रखें — ये चित्रगुप्त जी के प्रतीक हैं।

✅ स्टेप 5: विशेष अनुष्ठान

  • खाली कागज पर घी और रोली से स्वस्तिक बनाएं।
  • नए कलम से डायरी में देवी-देवताओं के नाम लिखें — यह आपकी भक्ति का प्रतीक है।

✅ स्टेप 6: कथा पाठ एवं आरती

  • चित्रगुप्त कथा का पाठ करें (भक्तिपल्स पर उपलब्ध — लिंक )।
  • फिर चित्रगुप्त आरती गाएं — जैसे:

जय चित्रगुप्त यमेश तव, शरणागतम् शरणागतम्...
(पूरी आरती भक्तिपल्स पर पढ़ें — यहाँ क्लिक करें )

✅ स्टेप 7: आत्मचिंतन एवं प्रण

  • अपने कर्मों की समीक्षा करें।
  • ईमानदारी, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का प्रण लें

🌿 चित्रगुप्त पूजा का आध्यात्मिक महत्व

  • कर्मों का लेखा-जोखा — चित्रगुप्त जी हर कर्म का हिसाब रखते हैं।
  • बुद्धि एवं ज्ञान — उनकी कृपा से बुद्धि तेज होती है।
  • कायस्थ समुदाय — उन्हें कायस्थों का कुलदेवता माना जाता है।
  • लेखन एवं ज्ञान का प्रतीक — कलम, कागज, डायरी पूजा में अनिवार्य।

📜 “चित्रं गुप्तं च यत्कर्म, तत्सर्वं लिख्यते क्षणात्”
— जो कुछ भी कर्म होता है, वह सब चित्रगुप्त जी तुरंत लिख लेते हैं।


📍 प्रमुख मंदिर — चित्रगुप्त जी के दर्शन कहाँ करें?

  1. आदि चित्रगुप्त मंदिर, पटना (बिहार) — गंगा तट पर स्थित, कायस्थों के लिए अति पवित्र।
  2. चित्रगुप्त मंदिर, खजुराहो (मध्य प्रदेश) — प्राचीन और वास्तुकला का अद्भुत नमूना।
  3. श्री चित्रगुप्त मंदिर, कंकरबाग, पटना — शहर के बीच में, आसानी से पहुँच सकते हैं।
  4. हुप्पुगुडा मंदिर, हैदराबाद — केतु दोष निवारण के लिए प्रसिद्ध।

📸 मंदिरों की तस्वीरें और पता — भक्तिपल्स पर देखें


📿 चित्रगुप्त जी का गायत्री मंत्र

ॐ धर्माय चित्रगुप्ताय च विद्महे,
कर्मपाशाय धीमहि,
तन्नो चित्रगुप्त: प्रचोदयात् ॥

अर्थ: हम धर्म के स्वामी चित्रगुप्त जी को जानते हैं, कर्मों के बंधन से मुक्ति दिलाने वाले उनका ध्यान करते हैं, वे हमारी बुद्धि को प्रेरित करें।

🙏 इस मंत्र का जाप पूजा के दौरान 11, 21 या 108 बार करें।


📌 निष्कर्ष:

चित्रगुप्त पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं — बल्कि आत्म-सुधार, कर्म समीक्षा और नैतिक जीवन की प्रेरणा है। 23 अक्टूबर 2025 को शुभ मुहूर्त में पूजा करके आप अपने जीवन में सत्य, न्याय और ज्ञान की शक्ति को आमंत्रित कर सकते हैं।


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“कर्म करो, फल की चिंता मत करो — पर याद रखो, चित्रगुप्त जी सब लिख रहे हैं!” 🙏


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